लव जिहाद और धर्मांतरण मामले में नया मोड़: सोनौली में न्याय की गुहार लगा रही पीड़िता को मिली जान से मारने की धमकी
महराजगंज (सोनौली): उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र सोनौली में एक बार फिर 'लव जिहाद' और जबरन धर्मांतरण का मामला सुर्खियों में है। न्याय की लड़ाई लड़ रही एक महिला को अब अपनी जान बचाने के लिए पुलिस की शरण लेनी पड़ी है। पूर्व के मुकदमे में समझौता न करने पर उसे और उसके परिवार को अंजाम भुगतने की धमकियाँ दी जा रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
जुगौली निवासी अंजनी गुप्ता ने पहले अपने पति शहबान और अन्य के खिलाफ जबरन धर्मांतरण और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को जेल भेजा था। हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद से ही शहबान और उसके साथी पीड़िता पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
आरोपियों का खौफनाक चेहरा
पीड़िता की तहरीर के अनुसार, छह नामजद आरोपी उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं:
- डिजिटल धमकी: आरोपी शहबान ने इंस्टाग्राम के माध्यम से पीड़िता को डराने की कोशिश की।
- सामूहिक दबाव: मुमताज, नसीम उर्फ बबलू, साहिल, लड्डन और मौलाना अब्दुल रहमान द्वारा पीड़िता को घेरकर जान से मारने की धमकी दी गई।
- अल्टीमेटम: आरोपियों का साफ कहना है कि यदि सुलह-समझौता नहीं किया गया, तो अंजाम मौत होगा।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा का सवाल
पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सोनौली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार मिश्रा का बयान: > "पीड़िता की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हम मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
एक बड़ा सामाजिक प्रश्न
यह घटना दर्शाती है कि धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों में कानूनी कार्रवाई के बाद भी पीड़ितों को किस कदर मानसिक और शारीरिक दबाव का सामना करना पड़ता है। अंजनी गुप्ता का साहस काबिले तारीफ है, लेकिन प्रशासन के सामने अब उसकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है।



















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