होली मिलन समारोह में दिखी भारत और नेपाल वैश्य समाज की एकजुटता
सम्मेलन में भारत और नेपाल से सैकड़ों वैश्य समाज के लोगो की रही उपस्थित महिलाओं ने भी रही भागेदारी
वैश्य समाज की पहचान, उत्थान और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शनिवार की दोपहर भैरहवा के एक होटल के सभागार में राष्ट्रीय वैश्य महासंघ नेपाल द्वारा होली मिलन समारोह भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। समारोह में वैश्य समाज की एकजुटता से पूरे नेपाल में एक अलग सन्देस दिया गया। सम्मेलन में नेपाल के विभिन्न जिलों से आए वैश्य समाज के अध्यक्षों ने भाग लिया, जिसमें महिला अध्यक्षों की भी सक्रिय और प्रेरणादायक सहभागिता देखी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भैरव कलवार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि “वैश्य समाज नेपाल की कुल जनसंख्या का लगभग 35% है। समाज आर्थिक और सामाजिक हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, टैक्स देने में अग्रणी है, फिर भी उसकी पहचान और अधिकारों को मान्यता नहीं मिली है। वैश्य समाज के अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम आपसी मतभेदों को भुलाकर संगठित हों और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के लिए कार्य करें।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथियों के रूप में संयोजक अशोक शाह, व्यापार मंडल अध्यक्ष नौतनवा सन्तोष जायसवाल ,अजय गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, नरेंद्र प्रसाद रौनियार और पूनम जायसवाल सहित अनेक समाजसेवियों ने अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में यह कहा कि यदि वैश्य समाज दिल और नीयत से कार्य करे, तो वह देश की सबसे बड़ी और सशक्त सामाजिक शक्ति बन सकता है। समाज आज बिखरा हुआ है, उसे संगठित करना समय की मांग है। सभा में उपस्थित अन्य प्रमुख लोगों में राधेश्याम कसौधन, त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता, विष्णु पटवा, बैजनाथ अग्रहरि, संतोष जायसवाल, न्यू वर्तमान जायसवाल अध्यक्ष भैरहवा, पारस केसरी, संजय कौशल, अजय गुप्ता, दुर्गा गुप्ता, मोहन बनिया, गंगासागर अग्रहरि, चंद्र मोहन पटवा, भोला बनिया, श्याम किशोर शाह, गुरु चरण प्रजापति, आरती अग्रहरि, रामकेश गुप्ता, पूर्णिमा रौनियार, संदीप गुप्ता, रितेश बरनवाल, किरण शाह आदि ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
सभी वक्ताओं का यही संदेश था कि संगठन में ही शक्ति है और जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसे उसका उचित अधिकार नहीं मिल सकता। वैश्य समाज देश के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में हमेशा से अग्रणी रहा है, अब समय आ गया है कि उसे उसका सामाजिक और राजनीतिक अधिकार भी मिले।
सम्मेलन का समापन सभी प्रतिनिधियों और उपस्थितजनों के बीच एकजुटता और सहयोग की भावना के साथ हुआ। इसके उपरांत सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन तारकेश्वर कांदू ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित नेपाल वैश्य युवा संघ रूपन्देही के उपाध्यक्ष मनोज अग्रहरि ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष गणेश गुप्ता,कोषाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद गुप्ता,सहकोषाध्यक्ष राजू जैसवाल,सचिव विष्णु रौनियार ,सदस्य रमेश चौरसिया ,किरन गुप्ता,रूबी रौनियार,मंजू जैसवाल,पूर्णिमा रौनियार,उषा जैसवाल,मीना शाह सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे।




















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