सोनौली हुवा गरीब मुक्त, बढ़ी अमीरो की संख्या
सोनौली महराजगंज।
एक समय था जब सोनौली में गरीबी चरम पर थी, लोग एक अदद सायकिल को तरसते देखे जाते थे, आज उनके बच्चों के हाथों में लाख रूपये पार की बाइक और लक्जरी और महंगे स्मार्ट फोन देखने को मिल रहा है, जिससे प्रतीत हो रहा है अब नगर पंचायत सोनौली में गरीबी शून्य स्तर तक पहुच गई है।
उस दौर में जहां लोग सायकिल का सपना सजोये जिंदगी सिर्फ दो निवालों में गुजर गई, वही आज उनके बच्चे महंगे बाइक और ब्रांडेड स्मार्ट फोन से खेलते नजर आ रहे है।
“हजारो रूपये के स्मार्ट फोन, लाखो रूपये के बाइक, महंगे शौक फिर भी बने गरीब”
आदर्श नगर पंचायत सोनौली के कुल 14 वार्डो में गरीबी शून्य तक पहुच जाने के बाद भी गरीबी रेखा से नीचे का प्रमाण पत्र बनाने का एक क्रेज चल रहा है, जिसमे उक्त वार्डो के सभासदों का प्रमुख भूमिका नजर आती है।
विदित हो की, एक घर में 5 सदस्य, जिन में कम से कम 3 लोगो के पास स्मार्ट फोन प्रत्येक एक का रिचार्ज लगभग दो का 299 से एवं एक का 349 तक, कुल 947 रूपये सिर्फ मोबाईल पर खर्च, वही नियत डाटा समाप्त के बाद अलग रिचार्ज और wifi की बढ़ती डिमांड जबकि, बाइक पर लगभग 3 हजार से लगायत 8 हजार की ईंधन खर्च किया जा रहा है, ऐसे में इन्हें जबरन गरीब कहना कहा तक उचित होगा, आज देश इसी लिए विश्व स्तर पर पिछड़ रहा है कि, एक जिम्मेदार सभासद निजी स्वार्थ को भुनाने के लिए गलत आख्या अपने बोर्ड कमिटी को सौप रहा है। जिससे जमीं पर कोई गरीब नजर नहीं आता मगर कागजो में हर एक वार्ड में सैकड़ो गरीब जबरन बना दिए जा रहे है।
हालांकि गरीब नही है यह कहना उचित नही लेकिन गरीबो का हक कौन खा रहा यह सवाल बड़ा है, आजकल के कुछ ऐसे नेता जिनको राजनीति की ककहरा तक का ज्ञान नही वह प्रतिनिधि बन कर रौब झाड़ते नजर आ रहे है, कि, हमारे वार्ड में कोई गरीब नही बचा है।
यह खबर एक सभासद सूत्र के हवाले से प्रकाशित किया जा रहा है, इस खबर की पुष्टि हलाकि प्रथम मिडिया नेटवर्क नही करता ना ही किसी वास्तविक की जिम्मेदारी लेता है। लेकिन यह एक जाँच का विषय है कि, नगर पंचायत सोनौली में हर एक परिवार की आय और उनके संसाधनों की जाँच हो, जिसमे सबसे पहले सभासद एवं नगर सेवक सहित तमाम जिम्मेदार प्रतिनिधियों से शुरू किया जाएँ।



















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