भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का 'कवच': चुनाव और होली को लेकर अधिकारियों की महाबैठक, 72 घंटे सील रहेंगे बॉर्डर
सोनौली, महराजगंज।
भारत के पड़ोसी व मित्र राष्ट्र नेपाल में आगामी 5 मार्च को होने वाले चुनाव और होली के पावन पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारत-नेपाल के उच्चाधिकारियों ने कमर कस ली है। सीमावर्ती क्षेत्र सोनौली में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना और आपसी तालमेल बढ़ाना रहा।
🚨 बॉर्डर सीलिंग: कब क्या होगा?
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, सुरक्षा की दृष्टि से सीमा पर आवाजाही को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं:
- सील होने का समय: 2 मार्च की अर्धरात्रि से नेपाल की सीमा में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- बहाली: मतदान संपन्न होने के बाद, 5 मार्च की अर्धरात्रि से आवागमन पुनः सामान्य कर दिया जाएगा।
🤝 बैठक में शामिल मुख्य चेहरे
इस रणनीतिक बैठक में दोनों देशों के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शिरकत की:
- भारत की ओर से: जिलाधिकारी (DM) संतोष कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक (SP) सोमेन्द्र मीणा और एसएसबी (SSB) के वरिष्ठ अधिकारी।
- नेपाल की ओर से: रूपन्देही के प्रमुख जिला अधिकारी और पुलिस उपरीक्षक (SP)
"पड़ोसी मित्र राष्ट्र में चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारत पूरी तरह सहयोग कर रहा है। शरारती तत्वों पर नजर रखने के लिए दोनों देशों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां निरंतर संपर्क में रहेंगी।"
👮 नोमेंस लैंड पर 'फ्लैग मार्च' से सुरक्षा का अहसास
बैठक के पश्चात, डीएम महराजगंज और एसपी महराजगंज ने भारी पुलिस बल के साथ नोमेंस लैंड से लेकर रामाजानकी चौक तक पैदल मार्च किया। इस फ्लैग मार्च का उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करना और सीमा पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को सख्त संदेश देना था।
दोनों देशों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होली और चुनाव के दौरान सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।























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