मुंबई क्लाईमेट वीक में प्रतिभागिता एवं योगदान साझा किया यूनियन बैंक
मुम्बई महाराष्ट्र।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने मुंबई क्लाईमेट वीक (एमसीडब्ल्यू) 2026 में सहभागिता की है, जो जलवायु कार्रवाई में तेजी लाने के लिए ग्लोबल साउथ सिटी-नेतृत्व वाला मंच है, जिसका आयोजन जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, बीकेसी, मुंबई में किया गया.
बैंक ने भारतीय उद्योग के लिए महत्वाकांक्षा को निवेश योग्य कार्रवाई में बदलने में मदद करने के लिए प्रमुख थिंक टैंक (विचारकों) के साथ संयुक्त रूप से विकसित तीन लीडरशिप दस्तावेजों का भी अनावरण किया.
इस्पात एवं सीमेंट क्षेत्र का कार्बन उत्सर्जन कम करना (जीआईजेड, जर्मन अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के साथ संयुक्त रूप से विकसित). यह दस्तावेज़ उन क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए तकनीकी मार्ग, कार्यान्वयन कार्यनीति, परिपक्वता स्तर, कम कार्बन वाली तकनिकियां और वित्तपोषण तंत्र प्रस्तुत करता है जहां कार्बन उत्सर्जन कम करना कठिन है.
परिवर्तन आयोजना हेतु जलवायु परिदृश्य मॉडलिंग (सीईईडबल्यू, ऊर्जा, पर्यावरण एवं जल परिषद के साथ संयुक्त रूप से विकसित). यह दस्तावेज़ भारत के लिए विशिष्ट जलवायु परिदृश्य विकसित करने हेतु जीसीएएम (ग्लोबल चेंज एनालिसिस) मॉडल का उपयोग करने में बैंक के अग्रणी कार्य को रेखांकित करता है. यह दस्तावेज़ जलवायु जोखिम एवं अवसर विश्लेषण में मॉडल के उपयोग तथा परिवर्तन आयोजना में इसके एकीकरण को सम्मलित करता है.
परिचालनात्मक कार्बन उत्सर्जन कम करना और नेट-जीरो रोडमैप (ई एंड वाई, अर्न्स्ट एंड यंग के साथ संयुक्त रूप से विकसित). यह दस्तावेज़ विस्तार से बताता है कि बैंक अपने नेट जीरो 2035 (स्कोप 1 और 2) प्रतिबद्धता को परिचालन, कार्यनीति और प्रक्रियाओं में कैसे शामिल कर रहा है.
उपरोक्त के अतिरिक्त, बैंक ने क्षमता निर्माण के लिए "भारतीय बैंकों के लिए ईएसजी प्रमाणन कार्यक्रम" नामक एक उद्योग-अग्रणी प्रमाणन शुरू किया है, जिसे बैंक ने सीपीआई (जलवायु नीति पहल) के साथ संयुक्त रूप से विकसित किया है.
बैंक ने कम कार्बन उत्सर्जन वाले क्षेत्रों के परिवर्तन पर "यूनियन बैंक जलवायु संवाद" का आयोजन किया, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों, थिंक टैंक (विचारकों), विनियामकों, वित्तीय संस्थानों, निवेशकों, रेटिंग एजेंसियों और अन्य हितधारकों ने सहभागिता की है. संवाद के दौराम कम कार्बन तकनीकों, उपलब्ध डेटा से संबंधित चुनौतियों, नीतिगत अपेक्षाओं, विनियामक विकास, मांग पक्षीय दबाव और परिवर्तन हेतु उपलब्ध वित्तीय साधनों पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया.
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के अंतर्गत, बैंक ने अपनी संवहनीयता कार्यनीति के अनुरूप रेटिंग एजेंसियों से प्राप्त नवीनतम सम्मान की घोषणा की है.
केयरएज ईएसजी रेटिंग: "केयरएज ईएसजी 1+" - ईएसजी क्षेत्र में यूनियन बैंक की नेतृत्व स्थिति को दर्शाता है.
मूडीज़ की द्वितीय पक्षीय राय (एसपीओ): यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के संवाहनीय वित्तपोषण ढांचे को एसक्यूएस2 "बहुत अच्छी संवहनीयता गुणवत्ता" प्रदान की गई है. एसक्यूएस2 मूडीज़ के संवहनीयता गुणवत्ता स्कोर पैमाने पर दूसरा उच्चतम स्तर है, जो संवहनीय एवं जिम्मेदार वित्तपोषण के प्रति बैंक की सुदृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जलवायु संबंधी महत्वाकांक्षाओं को निवेश योग्य कार्यों में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है. सुदृढ़ ईएसजी अभिशासन, विश्वसनीय ढांचों, उद्योग जगत में साझेदारी और ज्ञान इकोसिस्टम के माध्यम से, बैंक भारत के निम्न-कार्बन परिवर्तन को वित्तपोषित करना जारी रखेगा तथा ग्राहकों, शेयरधारकों और समग्र हितधारकों के लिए स्थायी मूल्य सृजित करेगा.



















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