एक मध्यमवर्गीय परिवार की मार्मिक व सत्य घटनाक्रम - प्रथम 24 न्यूज़

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एक मध्यमवर्गीय परिवार की मार्मिक व सत्य घटनाक्रम


Editor zoon....उमाकान्त मद्धेशिया
नौतनवां महराजगंज।

यह घटना काल्पनिक नही है और न ही यह किसी फ़िल्म या कहानी से ली गयी कहानी है अपितु यह एक सच्ची व मार्मिक घटना नौतनवा नगर पालिका अध्यक्ष गुड़डू खान के साथ कल रात्रि उस समय घटी जब वो जरूरतमन्दों के बीच राशन वितरित करने पहुचे एक स्थान पर गुड़डू खान राशन वितरित करते हुए आगे बढ़ ही रहे थे तभी एक मिडिल क्लास परिवार  की महिला को राशन देने के लिए जैसे ही गुड़डू खान ने थैला बढाया तभी एकाएक महिला जोर- जोर से  चिल्ला कर रोने लगी उसकी आखों से बहते आंशू की धारा को देख वहा भीड़ इकट्ठा हो गयी।गुड़डू खान ने जब उस महिला से रोने का कारण पूछा तो उक्त महिला ने रोते हुए कहा कि "चेयरमैन साहब हम लोग ठहरे माध्यम वर्गीय परिवार, बाहर से देखने पर सब ठीक लगता है परन्तु घर के अंदर की स्थिति को कोई नही भापता,क्योंकि मीडिल क्लास परिवार अपनी इज्जत को देख किसी से कुछ कह नही सकता और लोग हमें जरूरतमंद समझते नही,इसी मझधार में हमारी गृहस्थी चरमरा जाती है।
                   इस धटना ने *श्री खान* को द्रवित कर दिया और नतीजा हुआ कि तत्त्काल उस महिला के घर राशन के साथ- साथ अन्य जरूरत का सामान भी पहुचाया, इस हृदयविदारक घटना ने *श्री खान* की मनोदशा को विचलित कर दिया और खुद की चलाई राशन वितरण व्यवस्था को नया स्वरूप देने के लिए विवश कर दिया।
       इस घटना का जिक्र हमने इस लिए करना जरूरी समझा  कि कही इसी गफलत में मध्यमवर्गीय परिवार अपनी जरूरत से वंचित न रह जाय।

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