पांच माह से ध्वस्त पुलिया राहगीर परेशान: जिम्मेदार विभाग मौन - प्रथम 24 न्यूज़

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पांच माह से ध्वस्त पुलिया राहगीर परेशान: जिम्मेदार विभाग मौन



छत्तीसगढ़ से विरेन्द्र नाथ की रिपोर्ट।

 जगदलपुर  -
 इस वर्ष बरसात ने बस्तर के अन्दर कहर ढा दिया था जिसमें कई पुल और पुलिया क्षत्रिगस्त हुए और   कई रास्ते बंद पढ़े हैं जिसमें से केशलुर के सोसनपाल के कोयरनाल, के पास पारा कोट जाने वाली संडक भी है।

वही चितापुर जाने वाले मार्ग में चापडा आमा पुल भी है। जो पूरी तरह क्षत्रिगस्त हो गया है।

बता दें की आज बारिश खत्म हुवे लगभग चार पांच महीने bad अब ठंडी खत्म होकर ग्रीष्मकाल आने पर है पर बस्तर के ग्रामीणो ने तो सहना ही सीखा है जंगल कट जाये कोई सुनवाई नहीं, सड़को पर गड्ढे हो जाये कोई सुनवाई नहीं NH 30 पर काप लगा कर सालो तक चलाते रहें, अच्छी सड़क बस्तर के लिए सपना है। कोई सुनवाई नहीं । बस्तर के लोगो को सहने की आदत हो चुकी है।

सोसन पाल के कोयर नाला के पास  से पारा कोट सड़क जो PWD विभाग के अंतर्गत आता है। आज़ क्षतिग्रस्त होकर लगभग चार पांच महीने हो गये ग्रामीण ने अपने लिए खेतों से आना जाने के लिए अपना रास्ता बना लिया जो सायकल और मोटर सायकल से आना जाना करते हैं और चार चक्को का तो आना जाना बंद ही हो गया।  अब ग्रामीणो के आने जाने के लिए कोई सड़क नहीं है। वही जिम्मेदार PWD विभाग सो रहा है। साथ ही जानकारी दे दें की किसानों का खेत भी सड़क के किनारे से लगे होने के कारण  सड़क की मिट्टी ने उनके फसलों को बर्बाद कर दिया और आज तक किसानों के खेतों से मिट्टी भी नहीं हटाया गया है। शायद PWD विभाग निंद से नहीं जागा है अधिकारियों को उस सड़क पर जाना नहीं पड़ता इसलिए आराम में लगे हैं।  किसनो से बात करने पर कहा गया मिट्टी और सड़क की टुकड़ियों की दामड की परतें कब हटेगी पता नहीं सरकार का काम है। अगर नहीं हटाएंगे तो  हमें अगली फसल लेने के लिए खुद मेहनत कर हटना पड़ेगा।

आखिर शासन प्रशासन बस्तर की जनता के दुःख दर्द को कब समझेंगे पता नहीं । जहां नेताओं की गाड़ी जानी होती तो शायद  रातों रात  सड़क बन जाते हैं। जहां ग्रामीण चलते हैं मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के लिए जाते हैं रात सबेरे गर्भवती महिलाओं को इलाज हेतु एंबुलेंस  इस रास्ते से गुजरते थे आज बंद पड़ा है शायद PWD विभाग की अन देखी करना और पारा कोट से NH30 केशलूर आराध्य हाॅटल के सामने निकले वाला मार्ग अब तक चार पांच महीने से बंद पड़ा और चितापुर का चापडा आमा पुल अब तक क्षतिग्रस्त है ।अधिकारी   जाग जाये तों ग्रामीणो के आने जाने के संडको को जल्दी से जल्दी ठीक करे ग्रामीणो को आने जाने के लिए सुविधा हो सके  और समय रहते ग्रामीण अपने दिनचर्या को सही रास्ते से कर सकें।

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